Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi

हम इस अर्टिकल मे Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi यह जाननेका प्रयास करते है।गूगल ने वेबसाइटस् को रैंकिंग कराने के लिए  E.A.T स्कोर को इनडायरेक्टली महत्त्व दे रहा है। E.A.T को कुछ लोग रैंकिंग factor कहने लगे है जिससे कुछ वेबसाइटस् ओनर्स के के मन मे सवाल उठ रहा है कि, क्या Google का E.A.T रैंकिंग factor है? अगर  है तो क्या करना चाहिए अगर नही भी है तो क्या करना चाहिए इस तरह के सवाल खासकर नये ब्लॉगर्स के मन मे जरूर होगा। आपको इन सभी सवालों का जवाब इस आर्टिकल मे मिल जाएगा।


Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi


गूगल ने यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए समय समय पर कुछ ना कुछ अपना सर्च अल्गोरिदम मे चेंज करता रहता है, जैसे Google link spam update,featured snippets  ठीक इसी तरह E.A.T भी गूगल का एक अपडेट है।चलिए जानते हैं Google E.A.T क्या है

  • E = Expertise
  • A=Authorities
  • T= Trustworthiness

किसी भी वेबसाइट के तीन पार्टस होते हैं जैसे main content, Writer of main content और Website वेबसाइटस् के कंटेंट को या वेबपेजेस को रैंकिंग करते समय यह गूगल देखता है ये सभी सही तो है ना?

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Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi


चलिए इसे ठीक से समझने के लिए एक एक्जांपल का सहारा लेते हैं, ताकि समझने मे थोडा आसान हो जाए। मानलीजिए रामू नाम का लडका अपने स्कूल मे किसी प्रोग्राम मे भाषण देने गया और अपना भाषण ( Speech) देना शुरू किया इस काम मे यह Expert था इसलिए बहुत सारे बच्चे देखने आये हैं। यह मंच का वर्णन किया और अपना स्पीच शुरू किया तो बाकी सारे देखने वाले इसका भाषण ( Speech) से खूश हो गये और तालीयाँ बजाने लगे व्हा व्हा बोलने लगे इसका मतलब यह हुआ कि, सारे बच्चे इस बच्चे का सुनते हैं इसके ऊपर सारे बच्चों का विश्वास है। वह बच्चा अपना काम मे Expert था इसको हम  आसान भाषा मे Expertise कहते है।

Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi
Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi


इसके बाद मे बचा है Authorities तो देखिए इस बच्चे का भाषण सुनने के बाद बाकी सारे बच्चे रिस्पांस दे रहे हैं इसका मतलब साफ साफ है कि इसका बाकी सारे बच्चे सुनते हैं इस बच्चे का उन बच्चों पर कमांड है। इसी व्हा व्हा को आसान भाषा मे कहे तो  Authorities कहते हैं।

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इन बच्चों का उत्साह और रिस्पांस को देखकर जो रामू को प्रोग्राम के लिया बुलाया है उन्हें भी रामू के ऊपर विश्वास हो गया। वो भी रामू अच्छा है इस तरह रिकमनडेशन करते हैं उसी रिकमनडेशन को Trustworthiness कहते है।

E.A.T  का स्कोर वेबसाइट को कैसे दिया जाता है?


E.A.T को कैसे देखा जाता है मेरा मतलब  E.A.T का स्कोर कैसे चेक किया जाता है, यानी एक ब्लॉगर या फिर वेबसाइट का ओनर को  E.A.T का स्कोर कम या जादा मिलता है। किस पैमाने पर यह चेक किया जाता है।  

Website parts:-

  • Website Main contet
  • Writer of main content.
  • Website

E.A.T:-

  • Expertise
  • Authorities
  • Trustworthiness


Google के हिसाब से expertise  main content के लिए कोई मायने नही रखते है।  इसके साथ साथ वेबसाइट के लिए भी  expertise का कोई लेना देना नही है।अभी बचा है writer of main content, expertise  writer of content के साथ जुडा है। जब कोई ब्लॉगर किसी प्रोडक्ट के या सरव्हिस के बारे में लिखता है। यह ,क्या इस फिल्ड मे expert है? यह गूगल को साफ साफ दिखाना यह वेबसाइट ओनर का रिस्पांसिबिलिटी होगा।

Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi
Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi

वेबसाइट का ओनर यह दिखाते हैं दिखाने मे सक्षम है तो गूगल को यह पता चलेगा कि,यह कंटेंट युजर को दिखाने लायक है या नही, गूगल के ओर से ब्लॉग पोस्ट रैंक करते समय यह देखा जाएगा।ऐसा गूगल ने तो बताया नही है, लेकिन गूगल के यह कदम उधर ही जाते साफ साफ नजर आ रहा है।

Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi
Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi


अभी Authorities की बात करे तो  (main content)मेन कंटेंट का भी देखा जाता है। युजर यह कंटेट दिखाने के लिए गूगल कंटेट का अथॉरिटी चेक करता है और क्या करना है डिसाइड यह निश्चित करता है। इसके बाद writer of main कंटेंट का भी अथॉरिटी चेक किया आता है। क्या इस वेबसाइट का कंटेट जो लिखा है या क्रिएट किया हैं इसके साथ लोग जुडे है। और लोग इस कंटेंट पर कोई अपना प्रतिक्रिया देते है यह अभी गूगल चेक करता है। 

Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi
Google E.A.T क्या होता है?What is google E.A.T? in hindi


इसका मतलब, इससे वेबसाइट कैसे है यह गूगल को पता करना आसान होता है इसके बाद google Trustworthiness  पर अफना नजर डाला है Trustworthiness की बात किया जाए तो तो Main content  , writer of  main  contet  और website   इन तीनो Trust करनेवाले लायक होना चाहिए।वेबसाइट भी Trusted होना चाहिए main content ट्रस्टेड होना जरूरी हैं। इन तीनों के बेस पर वेबसाइट को  E.E.T स्कोर दिया जाता है।

क्या Google E.A.T.   रैंकिंग फॉक्टर है?


Google E.A.T  यह रैंकिग फॉक्टर नहीं है,सिर्फ गूगल का एक experiment  है।  गूगल इस अपडेट को आगे रैंकिंग फॉक्टर के रास्ते पर लाने का चानसेस नकारा नही जा सकता ।इस E.A.T के जरिए वेबसाइट का ओनर्स और यूजर के बीच मे अच्छा संबंध बनाया रखने के लिए और यूजर experience और बेहतर बनाने के लिए करता है। हाल फिलहाल मे तो E.A.T रैंकिंग फॉक्टर नहीं है आगे जाकर यह हो सकता है।


यह अभी रैंकिंग मे कोई इफेक्ट तो नही करता है लेकिन आगे रैकिंग फॉक्टर मे  इससे बदलाव आ सकता है। इसलिए Google E.A.T के हिसाब से पोस्ट यूजर को प्रोवाइड करना वेबसाइट ओनर्स के लिए फायदेमंद हो सकता है। 

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Google E.A.T को गूगल ने क्यो लांच किया है?

Google हमेशा अपने यूजर को एक सही जानकारी प्रोवाइड करने के लिए कोशिश करता आया है इसको और बेहतर बनाने के लिए E.A.T.को लांच किया है। गूगल हमेशा बोलता है कि,क्वालिटी कंटेट प्रोवाइड करो इस बोलता था लेकिन कोई इसको अपने वेबसाइट मे इंप्लीमेंट किया ही नहीं। ब्लॉग ओनर्स अपने कंटेंट रैंक करने के लिए अपना फोकस किवर्ड बार बार पोस्ट मे ऑड करते थे।

इस तरह के काम के वजह से जो ब्लॉगर्स अच्छी मेहनत करते थे उनको फायदा नही मिल रहा था जो उनको मिलना चाहे था। इसको सुधारने के लिए इसको लांच किया है।

Google ने बार बार अपडेट क्यों करता है?

गूगल का अल्गोरिदम बहुत स्मार्ट है लेकिन इंसान नही ह,यह Intelligent  artificial  है।कभी कभी यह इंसान से बेहतर नही होते है।इसलिए  सर्च एक्सपीरियंस को बेहतर  बनाने के लिए गूगल दुनियाभर के कुछ पाठक को heir करते है वो लोग किसी  क्वेरी को पढते है और जो इंफरमेशन निकल कर आती है,यह देखने के बाद ये लोग अपन  रिपोर्ट गूगल के सामने रखते है।


जो इंफरमेशन निकलकर आता है उसीके हिसाब से  गूगल अपना सर्च इंजिन के अल्गोरिदम मे बदलाव करना चाहते है,कुछ अपडेट करता है।अगर गूगल के इन टीम सामने ऐसा रिपोर्ट सामने आया जिसमे ब्लॉगर्स यूजर को इंफरमेशन चाहिए थी इसके उफर फोकस न करते हूए अपना फायदा करने के लिए black hat seo का सहारा लिया है ये समझ मे आया तो तो इस तर के आर्टिकल का रैंक घटाने लिए ऐसे अपडेट करते हैं।

कुछ S..E.O स्पेशालिस्ट अपने ब्लॉग पोस्ट को रैंक कराने के अपने अर्टिकल मे कीवर्ड्स बीच बीच मे डालते है कभी इन किवर्डस के वजह से पोस्ट रैंक करते हैं लेकिन इसमे जो इंफरमेशन यूजर को चाहिए थी वो नही रहेगी तो यूजर का एक्सपीरियंस खराब हो जाएगा। वह भार सर्च करेगा लेकिन इसी तरह के आर्टिकल देखने को मिलेंगे।अगर ये सिलसिला जारी रहा तो कोई यूजर गूगल के ऊफर भरोसा नही करेगा इससे गूगल का नुकसान होगा।

लोग जब गूगल का इस्तेमाल करना ही छोड देंगे तो गूगल विज्ञापन भी कम मिलेंगे इतना ही नहीं कोई नयी कंपनी भी मार्केट मे आ सकती है इससे गूगल को परेशानी हो सकती है।गूगल यह चाहता सामने जाकर इस तरह की परेशानियों की सामना करने की नौबत आ जाए।

Google E.A.T स्कोर को कैसे बढाये?

Google E.A.T स्कोर को बढाने के लिए हमे अपनी वेबसाइट मे जो भी यूजर को प्रोवाइड करते हैं,इस सर्व्हिस सर्व्हिस को प्रोवाइड करनेवाला कोन है,उनका डिग्री क्या है, एक्सपीरियंस क्या(कितने साल का) है ये वेबसाइटस् ओनर्स को साफ साफ लिखना होगा। इससे गूगल का विश्वास वेबसाइट मे सर्व्हिस प्रोवाइडर वाले लोगों पर होगा। मानलीजिए किसी ब्लॉग मे किसी एक niche पर रोज अपने हिसाब से कंटेंट पब्लिश करते हैं तो अभी यह जानना चाहता है कि, क्या इस पोस्ट को लिखनेवाला इंसान इस फिल्ड Expert है या नही अगर एक्सपर्ट है तो गूगल विश्वास करेगा और पोस्ट रैंक करेगा।

इससे अभी जो ब्लॉग मे कंटेट क्रिएट करते या ब्लॉग पोस्ट लिखते है। उन कंटेट क्रिएटर्स अथरबाक्स(Author box) होना जरूरी है। इसका मतलब अथर के बारे पोस्ट के नीचे अथर बॉक्स होना जरूरी है। इससे गूगल को यह पता इसका राईटर कौन है।

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पहले इस तरह का अथर बॉक्स होना जरूरी है नही है ऐसे माना जाता था। इससे गूगल को कंटेट क्रिएटर या ब्लॉग पो्स्ट का असली राईटर गूगल को पता ही नही चलता था। इसलिए गूगल इस तरह अपडेट लाया है। इस अपडेट के मुताबिक ब्लॉग मे कभी भी अथर बॉक्स होना जरूरी है। Google E.A.T स्कोर बढाने के लिए ब्लॉग का रिविव्यूस होना जरूरी है। और कंटेंट का क्वालिटी भी अच्छी होना जरुरी है।

Google का E.A.T स्कोर सभी वेबसाइट के लिए जरूरी है?

Google E.A.T स्कोर सभी वेबसाइटस् के लिए जरूरी है।ब्लॉग वेबसाइट हो या फिर किसी सर्व्हिस प्रोवाइड करने वाला वेबसाइट हो।अगर किसी का ब्लॉग अभी बनाया है ,और सिर्फ ब्लॉग पोस्ट ही पब्लिश करते है तो उनके लिए इतना जरूरी नही है,लेकिन जिस वेबसाइटस् से सर्व्हिस प्रोवाइड होता है तो इस वेबसाइट मे सर्व्हिस प्रोवाइड करनेवाला कोन है बताने के लिए सर्व्हिस प्रोवाइड करने वाला इंसानों का डिटेल गूगल को प्रोवाइड करना जरूरी है कुछ इस प्राकार:-

  • पूरा नाम
  • गाव का नाम
  • Education (Degree)
  • Certificate
  • Awards
  • Experience
  • E-mail
  • Mobil No.
  • Official website

सर्व्हिस प्रोवाइड करने वाले वेबसाइटस् जैसे Health services और Financial आदी इस तरह के वेबसाइटस् मे Author box होना जरूरी है।

SEO में E.A.T क्या है? /what is eat in seo?

SEO में E.A.T क्या है?/ what is eat in seo गूगल को सही तरीके से समझाने के जैसे पोस्ट किसके बारे मे लिखा गया है,इसका यूजर को क्या फायदा मिलेगा और किसी प्रोडक्ट का रिव्यू है यह गूगल को समझाने की जो प्रयास है उसी को S.E.O (search engine optimization) कहते हैं। अभी गूगल ने और एक अपडेट लाया है जिसका नाम E.A.T है।

E.A.T का Long form
  • Expertise ( अपने काम मे expert होना जैसे हेल्थ के बारे लिखनेवाला अपने फिल्ड मे Expert होना होना जरूरी है।अभी वेबसाइट को रैंक करने के पहले गूगल यह भी देखेगा।इस तरह का कोई अफिसियल अनाऊनसमेंट (Announcement) तो गूगल ने किया नही है लेकिन यह जल्दी करने जा रहा है)
  • Authorities ( अपने ब्लॉग पोस्ट पर यूजर का रिस्पॉन्स करना जरूरी है,जैसे very useful vc information, nice content आदी।गूगल यह देखता है क्या इनका काम पर यूजर खूश है या फिर एंगेज है।अगर यूजर इस तरह के काम करते है तो उस पोस्ट को यूजर दिखाने का प्रयास करेगा,अगर ब्लॉग पोस्ट का क्वालिटी अच्छी है तो पोस्ट जरूर रैंक करेगा।
  • Trustworthiness (website/blog और कंटेंट क्रिएटर ये दोनो चीज भरोसेमंद होना चाहिए इसीको Trustworthiness कहते हैं। जो ब्लॉग मे कंटेंट क्रिएट करते है वह भरोसेमंद होना चाहिए जैसे कोई Financial के बारे में लिखते हैं वह सही होना चाहिए अगर ऐसा है तो ब्लॉग पोस्ट रैंक करने की संभावना रहती है)

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Suresh Burla Sironcha Di- Gadchiroli State -Maharastra India

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