On page and off page seo in hindi

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प्रस्तावना:-

आज मै आपको On page and off page seo in hindi ऑन पेज SEO और ऑफ पेज SEO हिंदी में ब्लॉग या वेबसाइट बनाने के बाद on page seo और off page seo किस तरह करना चाहिए इसके बारे मे बताने वाला हूँ।लंबे समय तक ब्लॉगिंग करना है और ब्लॉग को गूगल मै रैंक कराना है तो इसका सीखना जरूरी है। SEO के बगर ब्लॉग चलाना अंधेरे मे तीर चलाना जैसा होता है।अगर आप एक नये ब्लॉगर है तो इस पोस्ट को समझने के लिए पूरा पढना होगा।चलिए बिनादेरी करते हूए On page and off page seo in hindi ऑन पेज SEO और ऑफ पेज SEO हिंदी में इस पोस्ट के ओर बढते है।

On page and off page seo in hindi (ऑन पेज SEO और ऑफ पेज SEO हिंदी)

ऑन पेज SEO एक ऐसी प्रक्रिया है जो किसी वेबपेज की सामग्री को Google सर्च इंजन रिजल्ट पेज (SERPs) और अन्य वेब इंडेक्स पर उच्च रैंक बनाने के लिए अनुकूलित करती है। ऑफ पेज एसईओ उन गतिविधियों को संदर्भित करता है जो किसी वेबपेज की दृश्यता को प्रभावित करते हैं लेकिन वेबसाइट से बाहर होते हैं।

अपने पेज के SEO को बेहतर बनाने के टिप्स

डिजिटल दुनिया में सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन जरूरी है। आप अपने संभावित ग्राहकों के लिए Google पर अपना ब्लॉग या वेबसाइट को यथासंभव उच्च रैंक करने में सक्षम होना चाहते हैं,तो निम्नलिखित टिप्स आपको अपने पेज के SEO को बेहतर बनाने और Google पर उच्च रैंक करने में मदद करेंगे।

1.अपने पोस्ट के शीर्षक, उपशीर्षक और पहले पैराग्राफ में कीवर्ड वाक्यांशों का प्रयोग करें।

2.अन्य वाक्यों में कीवर्ड का प्रयोग करें जो आपके पोस्ट के बड़े विषय के लिए प्रासंगिक हों।

3.कीवर्ड के साथ अपनी साइट पर संबंधित पृष्ठों के लिंक शामिल करें।

4.प्रासंगिक अच्छी सामग्री वाली अन्य साइटों से लिंक करें।

अपनी साइट के लिए एक बेहतर यूआरएल कैसे बनाएं?

केवल अपना ब्लॉग या वेवसाईट के लिए एक आकर्षक डोमेन नेम होना ही काफी नहीं है। डिजिटल मार्केटिंग में ब्लॉग या वेबसाईट का URL भी महत्वपूर्ण हैं। उन्हें खोज (search)इंजन के लिए अनुकूलित करने और उपयोगकर्ताओं (user)के लिए याद रखने में आसान होने की आवश्यकता है। URL structure ऐसा होना चाहिए जो युजर को याद रखने मे आसान हो। इसलिए SEO एक्सपर्ट कहते है कि,ब्लॉग को यूजर फ्रेंडली बनाने मे URL structure का भी अहम रोल होता है।

On page and off page seo in hindi
On page and off page seo in hindi

Google एल्गोरिदम अपडेट कर रहा है, नए एल्गो अपडेट,और आपके लिए इसका क्या अर्थ है?

Google ने नये एल्गोरिदम अपडेट किया है, नए एल्गो परिवर्तन, और इन अपडेट के प्रभाव महत्वपूर्ण हैं। Google अपने एल्गोरिथम को साल में 400 बार अपडेट करता है, और यह हमेशा सर्वोत्तम के लिए हीं होता है।

Google का प्राथमिक लक्ष्य उपयोगकर्ताओं(user’s) को सर्वाधिक प्रासंगिक जानकारी प्रदान करना है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे अपने उपयोगकर्ताओं(users) को सर्वोत्तम संभव परिणाम प्रदान कर रहे हैं, वे हर बार अपने एल्गोरिदम को अपडेट करते हैं। यह उन कंपनियों के लिए अच्छा है जो तकनीकी एसईओ(search engine optimization) पर ध्यान केंद्रित करती हैं क्योंकि इसका मतलब यह है कि,खोज परिणामों(search results) में प्रासंगिक बने रहने के लिए उन्हें नए एल्गोरिथम परिवर्तनों के साथ हर समय अप-टू-डेट रहने की आवश्यकता है।

मेटा डिस्क्रिप्शन क्या है और यह आपकी मदद कैसे करता है?

मेटा विवरण(meta description)आपकी वेबसाइट की”लिफ्ट पिच”है। जब कोई संभावित उपयोगकर्ता Google में कुछ खोजता (search)है तो यह पहली चीज़ होती है। यदि मेटा विवरण सम्मोहक(attractive)नहीं है, तो वे कभी भी वेबसाइट के लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे।

मेटा विवरण वे हैं जो (SERPs)search engine result pages) (खोज इंजन परिणाम पृष्ठ) में दिखाई देते हैं जब कोई व्यक्ति आपके और आपकी वेबसाइट से संबंधित कीवर्ड / वाक्यांश की खोज (search) करता है। वे उन खोजकर्ताओं को लुभाने का एक अवसर हैं जो किसी व्यक्ति या कुछ और को खोजने के रास्ते पर हैं और उन्हें आपकी साइट पर क्लिक करने के लिए प्रेरित करते हैं।

यह भी पढे:- ब्लॉग क्या होता है?

पेज रैंक (पीआर): आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट के लिए पीआर कैसे प्राप्त कर सकते हैं।

पेज रैंक इस बात का पैमाना है कि Google सर्च इंजन पर कोई वेबपेज कितना लोकप्रिय है। इसे अन्य वेबपेजों के संबंध में एक वेबपेज के महत्व का अनुमान लगाने के लिए डिजाइन किया गया था।

On page and off page seo in hindi
On page and off page seo in hindi

पेज रैंक में तीन घटक होते हैं:-

  • अन्य पृष्ठों से पृष्ठ के लिंक की संख्या और गुणवत्ता
  • बाहरी साइटों से साइट के लिंक की संख्या और गुणवत्ता
  • पिछले अपडेट के बाद से इसे कितना समय दिया गया है।

ऑफ पेज एसईओ: ऑफ पेज एसईओ रणनीतियाँ। ऑफ पेज एसईओ क्यों मायने रखता है? क्या है?

ऑफ पेज एसईओ अन्य ऑनलाइन प्रकाशनों पर लिंक और उल्लेख प्राप्त करके आपकी वेबसाइट को खोज इंजन में उच्च रैंक दिलाने की प्रक्रिया है।

यह लेख कई ऑफ पेज एसईओ रणनीतियों का पता लगाएगा जो किसी भी व्यवसाय के लिए खोज इंजन रैंकिंग में उच्च रैंक की तलाश में बहुत मददगार हैं।

ऑफ पेज एसईओ ऑनलाइन कंपनी की उपस्थिति बढ़ाने के सबसे महत्वपूर्ण तरीकों में से एक है। केवल एक वेबसाइट होना ही काफी नहीं है, विशेष रूप से आज के अति-प्रतिस्पर्धी डिजिटल मार्केटिंग परिदृश्य में, जहां सर्वश्रेष्ठ वेबसाइटें ऑफ पेज ऑप्टिमाइजेशन के बिना रैंक नहीं कर सकतीं।

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कीवर्ड रिसर्च एंड एनालिसिस (Keyword research and analysis)

खोजशब्द अनुसंधान और विश्लेषण एसईओ अनुकूलन के लिए बुनियादी कौशल हैं। इसलिए हमें इसमें महारत हासिल करने से पहले बुनियादी बातों को जानना होगा।

कीवर्ड रिसर्च एक लक्षित कीवर्ड को देखने और किसी दिए गए विषय के संबंध में इसकी प्रासंगिकता खोजने की प्रक्रिया है। यह उस कीवर्ड के लिए (search volume)खोज मात्रा, प्रतिस्पर्धा (Keyword difficulty)और रैंकिंग की कठिनाई का विश्लेषण करके किया जाता है।

कीवर्ड विश्लेषण में पहला कदम यह पता लगाना है कि आपकी वेबसाइट की सामग्री के लिए कौन से कीवर्ड प्रासंगिक हैं। इस कार्य के लिए आप विभिन्न टूल का उपयोग कर सकते हैं जैसे कि Google ऐडवर्ड्स कीवर्ड टूल ahrefs , ubersuggest या SEMrush कीवर्ड टूल।

ऑनसाइट सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (ऑनपेज एसईओ) के लिए कीवर्ड ऑप्टिमाइज़ेशन – ब्लॉग, इमेज, वीडियो और बहुत

कीवर्ड ऑप्टिमाइज़ेशन एक लंबी और सम्मिलित प्रक्रिया है जो आपकी वेबसाइट के लिए लक्षित किए जाने वाले कीवर्ड के प्रकार पर निर्णय लेने के साथ शुरू होती है। जबकि ऑनपेज ऑप्टिमाइजेशन महत्वपूर्ण है, यह आपकी साइट की रैंक को बेहतर  बनाएगा। SEO एक्सपर्ट्स का कहना है कि सबसे पहले कीवर्ड रिसर्च करनी चाहिए और फिर आपको उन कीवर्ड्स को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाना चाहिए।

कीवर्ड ऑप्टिमाइज़ेशन एक लंबी और सम्मिलित प्रक्रिया है जो आपकी वेबसाइट के लिए लक्षित किए जाने वाले कीवर्ड के प्रकार पर निर्णय लेने के साथ शुरू होती है। जबकि ऑनपेज ऑप्टिमाइजेशन महत्वपूर्ण है, यह आपकी साइट की रैंक को बेहतर  बनाएगा। SEO एक्सपर्ट्स का कहना है कि सबसे पहले कीवर्ड रिसर्च करनी चाहिए और फिर आपको उन कीवर्ड्स को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाना चाहिए।

यह भी पढे:-ब्लॉग के लिए कस्टम images कैसे बनाये?

खोज इंजन एल्गोरिदम यह निर्धारित करता है कि किसी भी खोजशब्द खोज के लिए कौन से पृष्ठ(page) सबसे अधिक(Relevant)प्रासंगिक हैं। इसलिए, यदि खोज इंजन को लगता है कि आपका पृष्ठ व्यक्ति की (search query)खोज क्वेरी के लिए प्रासंगिक है, तो वह सूची में सबसे ऊपर दिखाई देगा।

Google के कीवर्ड प्लानर टूल जैसे मुफ़्त टूल से लेकर SEMrush, ahrefs या Moz Pro जैसे सशुल्क (paid)टूल तक – कीवर्ड शोध में उनकी सहायता ब्लॉग या वेबसाइईट्स का ओनर्स लेते है। इन्हीं tools के माध्यम से बढे बढे ब्लॉगर्स अपने ब्लॉग के लिए सही कीवर्ड फाईंड करते है और अपने गूगल दस पोस्ट मे अपना पोस्ट को लाते है।क्या आपको पता है On page and off page seo difference मेरा मतलब ऑन पेज SEO और ऑफ पेज SEO क्या फर्क होता है,अगर आपको यह पता नही है तो मै आपको शार्ट कट मे बताने का कोशिश करता हूँ।

On page and off page seo difference :-

Post name
On page seo ब्लॉग या वेबसाईट का अंदर ही कियाजाता है। इसमे अपना ब्लॉग या वेबपेजेस को Google के search engine के हिसाब से बनाया जाता है जिससे गूगल को अपना ब्लॉग के जो पेजेस होते है उन्हे रैंक कराने मे आसान हो।

On page seo मे ब्लॉग पोस्ट लिखने का तरीका और ब्लॉग मे इंटरनल और एक्स्ट्रनल लिंकस और एंकर टेक्स्ट आदि के बारे मे सीखना और अपने ब्लॉग मे इंप्लीमेंट करना ये सब On page seo के अंदर ही आते है।

Post name
Off page seo यह अपना वेबसाइट मे नही करना होता है।वेबसाइट को रैंक कराने के लिए ब्लॉगर दुसरे ब्लॉग मे या वेबसाइट मे जाकर अपना ब्लॉग या वेबसाइट का लिंक शेयर करता है। किसी फोरम वेबसाइट मे जाकर कुछ ऐसे अक्टिविटिज करते है जिससे गूगल और लोगों को अपने ब्लॉग के बारे मे पता चले।

Off page seo मे किसी दुसरे वेबसाइट मे जाकर बॉकलिंक बनाना और इसी के साथ साथ सोसलमिडिया वेबसाइट पर जाकर प्रोफाइल बनाना आदी इसी मे आते हैं ।

इतना ही On page seo और off page seo मे और भी कुछ तरीक़े है जिसके माध्यम से वेबसाइट को गूगल मे रैंक कराया जाता है।

निष्कर्ष:-

ब्लॉगिंग करने के लिए एक ब्लॉगर को seo सीखना ही पडता है। SEO के जो बुनियादी ढांचा है ये सभी ब्लॉगर्स को सीखना अनिवार्य होगा।एक सफल ब्लॉगर बनाके लिए Advance SEO सीखना भी जरूरी है लेकिन इसके पहले इसमे बने रहने के बेसिक एस.ई.ओ सीखना तो पढेगा।पहले अपना ब्लॉग पर ट्राफिक लाने के लिए कोई Facebook ad का तो कोई Instagram Ads का तो कोई ओर मार्ग ट्राफिक लाने के लिए अपनाता है,लेकिन यह काम लंबे समय तक नही चलेगा।

ये सब करने के बजाय क्वालिटी कंटेंट क्रिएट करके अच्छी तरह seo करना बेहतर है।ऐसा ही नही केवल seo के उफर ही सारा ध्यान दे। यूजर को ध्यान मे रखते हूए कंटेट क्रिएटकरना और ठीक तरह seo करना यह सफल ब्लॉगर का लक्षण है जो उसे सफल बनाता है।

अगर आपको On page and off page seo in hindi यह अच्छा लगा तो अपने दोस्तों को जरूर शेयर करेताकि उन्हें भी seo की सही जानकारी मिले। On page and off page seo in hindi इस पोस्ट मे किसी पार्ट समझ मे नही आया जो आपको समझना जरूरी है तो आप कमेंट करके बताये मै उसका जवाब देने का कोशिश करूँगा।

Suresh Burla Sironcha Di- Gadchiroli State -Maharastra India

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