Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है?

आज मै आपको Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है? What is guest post? इस पोस्ट मे गेस्ट पोस्ट क्या है? गेस्ट पोस् का महत्व क्या है? इसके बारे में बताने वाला हूँ। अगर आप एक नये ब्लॉगर है तो आपको गेस्ट पोस्ट क्या होता है यह बेहद जरूरी है।अपने ब्लॉग पोस्ट को गूगल के फस्ट पेज मे रैंक कराने के लिए एक नये ब्लॉगर बहुत मशक्कत करनी पडती है।क्या आपको पता है? Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है? पता नहीं तो घबरानेकी कोई बात नही मै आपको अच्छी तरह समझाके बताऊंगा।

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Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है?

ब्लॉग बनाने के बाद अपने ब्लॉग पोस्ट को रैंक कराने के लिए ब्लॉगर दुसरे ब्लॉगर के ब्लॉग मे जाकर ब्लॉग पोस्ट लिखते हैं यानी कि एक गेस्ट तरह करता है।आप किसी के घर एक दिन के लिए मेहमान बनकर जाते हो ठीक इसी तरह का काम होता है। आपको जिस ब्लॉग पर पोस्ट पब्लिश करना है, उस ब्लॉग के ब्लॉगर जो कंडीशनस होंगे वो आपको पहले ठीक से समझना जरूरी है क्योंकि कोई भी यह नही अपना ब्लॉग पर कोई भी कुछ भी लिख दे।इसके लिए कुछ कंडीशनस हैं जो हमे पूरा करना ही होगा।शायद ये कंडीशनस आपको पता न हो, कोई बात नही मै आपको बताउंगा।

पोस्ट किसके बारे मे लिखना है यह पहले बताना अनिवार्य होगा-

आप किसी ब्लॉग के ब्लॉग मे पोस्ट लिखने के पहले आप किस टॉपिक के बारे लिखते है यह बताना आपको अनिवार्य होगा।सभी ब्लॉगर के जनरल ब्लॉग नही होते हैं,हां अगर जनरल ब्लॉग है तो आप किसी भी टॉपिक पर लिख सकते है, आप जिस ब्लॉग मे पोस्ट लिखते हो, वह किसी पर्टिकुलर टॉपिक पर(Niche) आधारित ब्लॉग हो सकता है।इसलिए आपको पोस्ट लिखने के पहले ओनर को बताना अच्छा होगा।

Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है?
Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है?

कॉपीड कंटेट (Copied content)

गेस्ट पोस्ट पोस्ट मे कॉपीड कंटेट (Copied content) नही चलेगा क्योंकि कॉपीड ब्लॉग पोस्ट गूगल रैंक नही करेगा इसलिए कोई भी ब्लॉगर अपने ब्लॉग मे कॉपीड कंटेंट नही चाहता इसलिए कभी भी भूलकर भी ऐसे काम एक ब्लॉगर को गेस्ट पोस्ट लिखते समय नही करना चाहिए।आज बहुत सारे ऑनलाइन टूल्स है जो कंटेंट को रिराईट करके देता है लेकिन उसमे जो भाषा होती है लोगों को समझ में नही आती है।क्या आपको पता है कॉपीड कंटेंट क्या होता है?ठीक है बातो बातो मे ये भी बाते आपको शार्टकट मे बताही देता।

कॉपीड कंटेट (Copied content) क्या होता है?

कॉपीड कंटेट (Copied content) क्या होता है पता है? ‘जो कंटेंट किसी ओर ने बनाया है उसे जैसे का वैसे उठा के उसे अपना वेबसाइट या ब्लॉग पर या किसी ओर का वेबसाइट का दिखाना ही कॉपीड कंटेंट होता है’ यह थोडा पढने के बाद आपको समझ मे आया होगा। इससे भी आसान भाषा आपको समझाने की कोशिश करता हूँ, यह आपको शायद समझ नही आया होगा। किसी ब्लॉग में ब्लॉगर अलग अलग टॉपिक पर पोस्ट पब्लिश करते हैं उन्हीं ब्लॉग ब्लॉग पोस्ट जैसे का वैसा उठा के(copy paste) अपने ब्लॉग पर पब्लिश करता है तो उसे कॉपीड कंटेट (Copied content) कहते है इस पोस्ट या किसी और पहले ही अपने ब्लॉग पर पब्लिश किया है इसका असली ओनर हम नही बल्कि दुसरा है। इसको आसान भाषा मे कहे तो ऑनलाइन चोरी कहते हैं इसलिए इस तरह का काम एक ब्लॉगर को कदापि नही करना चाहिए।

इस तरह का काम करके मै लाखो रुपये कमाया है आप भी कमाओं इस तरह विडोओज हमे यूट्यूब मे बहुत सारे पाये जाते हैं लेकिन ये सब जूठ है।कोई यह काम जानबूझकर तो कोई मजबूरी से व्यूज बढाने के लिए करते है।ऐसे विडोओज देख के ऐसा काम कभी भी नही करना चाहिए।‘किसी भी फिल्ड मे सफलता तभी मिलती है जब हमारे पास काबिलियत की कमी न हो ‘अब आप समझ गये होंगे हमे क्या करना चाहिए।

Quality content

अभी हमे गेस्ट पोस्ट लिखना ही है मेरा मतलब सबकुछ हमने तयारी किया है किस टॉपिक पर पोस्ट लिखना है यह हमने तयार करके रखा है,कंटेट भी किसी ओर कॉपी किया नही है।दोस्तो यह सब करने के बाद मी पोस्ट की क्वालिटी की ओर देखना ही चाहिए क्योंकि एक Quality content ही गूगल मे रैंक करता है, हमने जो पोस्ट लिखा है वह गूगल मे रैंक करना हमारे लिए और ब्लॉग ओनर के लिए जरूरी है, क्योंकि अपना ब्लॉग नया है ब्लॉग ट्राफिक नहीं है इसलिए हम किसी ओर ब्लॉग मे guest पोस्ट लिखते हैं यह बात तो सभी को पता ही है।

ब्लॉग का ओनर भी यही चाहता है की ब्लॉग मे ट्राफिक आना चाहिए ब्लॉग D.A और P.A ज्यादा है तो ब्लॉग पोस्ट का Quality अच्छी नही तो भी पोस्ट रैंक करेगा लेकिन इससे यूजर को जो Quality मिलना चाहिए वह डेपनेटली नही मिलेगी इससे धीरे धीरे bounce rate बढ जाएगा ओर पोस्ट रैंकिंग मे गिरावट आ जाएगा। इससे हमे यह समझ मे आता है की कोई भी ब्लॉगर अपने ब्लॉग का पोस्ट इस तरह रैंकिंग के इसमे इस तरह गिरावट आ जाए यह नही चाहता यह तो साफ है।

क्या आपको पता है Quality content क्या होता है? (Quality content kya hota hai?)आपको पता नही यो कोई बात नही मै आपको शार्टकट मे बता देता हूँ। आप यहाँ तक पढते आये है यह भी जान लीजिये हां यह समझना भी जरूरी है।

Quality content क्या होता है? (Quality content kya hota hai?)

‘Quality content वह होता है जिसे पढकर यूजर खूश हो जाते है,जिसे पढकर यूजर अपनी समास्या आसानी से दूर कर सके’ कुलमिलाकर बात यह है की हमनें जो लिखा है वह हमारे लिए नही है किसी ओर के लिए है इसलिए जो लिखते है सोच समझकर लिखना होगा। हम भले ही अपने भाषा मे लिखते है लेकिन हमे यूजर का ध्यान जरूर रखना चाहिए। जो भी हम अपने पोस्ट मे इंफरमेशन प्रोवाइड करते वह एकदम सही होना चाहिए ऐसा नही कि,हम अपने पोस्ट कुछ भी लिख दे।

सभी यूजर विद्वान नही होते इसलिए हमे आसानी भाषा मे समझाना होता है न कि,अपनी विद्वत्ता दिखानी है ‘एक सफल ब्लॉगर वह होता है जो अपने ऑडीयन्स को उन्हे के भाषा समझाते है’ इसके आलावा एक क्वालिटी कंटेंट के बहुत सारे. फक्टर्स है जो एक ब्लॉगर को समझना जरूरी है। मै इसमे विस्तार से नही समझाऊंगा बस एक Quality content जो इंफारटेंट फक्टर्स हैं वही मैने बताया है। अगर एक इसको एकी Sentence मे बताऊ तो इस तरह बता सकता हूँ, “जो कंटेंट युजर को आसानी से समझते हो जिसमे जानकारी सही हो उसे ही Quality content कहते है”।

Article length

अभी आपके मन सवाल उठता होगा गेस्ट का लेंथ कितना होना चाहिए क्या एक गेस्ट का लेंथ सौ दो सौ भी चलेगा? नहीं, कोई भी यह चहाता अपने ब्लॉग मे किसी एक ब्लॉग पोस्ट का length हजार वर्ड्स से कम् हो,ब्लॉग का पोस्ट हजार वर्ड्स है तो वह टेकनिकल seo के दृष्टी से सहीं नहीं माना जाता है इसलिए हमें हजार वर्ड्स का पोस्ट लिखना ही चाहिए तभी गेस्ट पोस्ट कोई भी ब्लॉगर एक्सेप्ट करेगा ऐसा देखा जाए तो ब्लॉग पोस्ट रैंक होने के लिए ब्लॉग पोस्ट qualitty अच्छी होना चाहिए लेकीन चल रहा उसीके साथ हमें जाना होगा।

अर्टिकल का लेंथ का जब बात आती है तब हमे यह भी ध्यान मे रखना होगा, ब्लॉग पोस्ट का लेंथ बढाने के चक्कर ब्लॉग मे कुछ भी ऐसा लिख न दे जिसका कोई जरूरत नही है। कुछ लोगों को लगता है हमे किसी भी हालत मे हजार वर्डस का पोस्ट लिखना ही चाहिए लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए जिसका कोई जरूरत ही नही है बस वही लिखना चाहिए जो जरूरत है।

Content unique होंना चाहिए

आर्टिकल एकदम unique होना चाहीये ऐसा नहीं की किसी भी साईट में जाकर एक पोस्ट को कॉपी करके गेस्ट पोस्ट करके पब्लिश कर दे। एक तो यह आपका गलत काम है और ऐसे गेस्ट पोस्ट को कोई भी ब्लॉगर तुरंत पब्लिश नहीं करते पहले चेक आर्टिकल unique है या नहीं यह चेक किया जाता है और इसके बाद ही पब्लिश किया जाता है। क्या आपको पता है Unique content का मतलब क्या होता है, अगर नही तो कोई बात नही मै आपको समझाता हूँ।

Unique content क्या होता है?

Unique content का मतलब यह होता है की, जो कंटेट अपने ब्लॉग मे या किसी ओर का ब्लॉग मे गेस्ट पोस्ट करके लिखते हैं वह किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग मे नही होना चाहिए इतना ही नहीं किसी भी सोसल प्लॉटफार्म पर भी नही होना चाहिए।अगर ऐसा है तो इसको Unique article कहा जा सकता है।यह चेक करने के लिए बहुत सारे टूल्स है जिसके माध्यम से पोस्ट का Plagiarism चेक किया जाता है।

ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करने से पहले ये इन सभी बातों को ध्यान रखकर हमै काम करना होता है तभी तो एक ब्लॉगर आगे बढता है।ब्लॉगिंग ऐसा फिल्ड है जिसमे ब्लॉगर को समय समय पर यूजर को नया नया जानकारी प्रोवाइड करना होता है।इसमे ब्लॉगर दिन रात काम करना होता है।अगर ब्लॉगर हमेशा अपने ब्लॉग मे यूनिक पोस्ट पब्लिश करता रहेगा तब तक ब्लॉगर का जो व्हाल्यू बढता ही रहेगा।

ऐसा कहा जाता है ब्लॉगिंग मे कंटेंट ही राजा होता है अगर ब्लॉग का कंटेंट अच्छा है तो अपना ब्लॉग पोस्ट गूगल के टॉप पाच पोस्ट मे अपना ही पोस्ट रैंक करेगा।इसलिए ब्लॉगिंग मे सक्सेस होने के लिए ब्लॉगर को अपने ब्लॉग मे quality content हमेशा पब्लिश करते रहना चाहिए तभी जाकर एक सक्सेस ब्लॉगर बन सकता है।ठीक इसी तरह गेस्ट लिखते समय हमे याद रखना चाहिए तभी ही ब्लॉग का ओनर अपना पोस्ट पब्लिश को अप्रोवल देगा और पोस्ट को भी पब्लिश करेगा।

हमे गेस्ट पोस्ट लिखने ने की क्या जरूरत है?

आपके मन में सवाल उठता होगा  हमे गेस्ट पोस्ट लिखने ने की क्या जरूरत है? ऐसा देखा जाए तो किसी भी ब्लॉगर को किसी के भी ब्लॉग मे guest post लिखने की जरूरत नही है। आपने कसी के ब्लॉग मे जाकर गेस्ट पोस्ट लिखा नही तो आपका ब्लॉग रैंक नही होगा, इस तरह कहना उचित नही है। गेस्ट पोस्ट नही भी तो भी आपका ब्लॉग पोस्ट गूगल मे रैंक करेगा,लेकिन इसके लिए आपका ब्लॉग का Domain authority अच्छी होनी चाहिए और अपना किवर्ड लो कंपटीशन का होना चाहिए तब जाकर आपका पोस्ट गूगल रैंक करेगा। अगर ऐसी बात आपके केस मे नही तो आपका पोस्ट गूगल मे रैंक नही करेगा, क्योंकि आपके बहुत सारे ब्लॉगर्स अपने ब्लॉग बनाया है, इतना ही नहीं वो अच्छी तरीके से काम भी कर रहे।इसलिए गूगल के पास बहुत सारे ब्लॉगर्स है तो आपका नया ब्लॉग को गूगल यूजर क्यो दिखाएगा।

इसी को ध्यान मे रखते ब्लॉगर्स अपने ब्लॉग को गूगल मे रैंक कराने के लिए अलग अलग उपाय करते हैं-जैसे की बॉकलिंक बनाना,अच्छी तरह seo करना और गेस्ट पोस्ट लिखना आदी। ये सब काम करने के पीछे एक ही वजह है अपने ब्लॉग या ब्लॉग पोस्ट जल्दी रैंक कराना,इसका मतलब साफ साफ है गेस्ट पोस्ट लिखना सभी नये ब्लॉगर्स पसंद करते हैं।पहले पहले back link तो नये ब्लॉगर्स को देते नही, और कुछ कुछ ब्लॉगर्स पैसा भी लेता है।गेस्ट पोस्ट भी एक back link का एक प्रकार ही है।

कोई भी ब्लॉगर एक नये ब्लॉगर को back link देने के लिए सौ बार सोचता है,लेकिन अगर गेस्ट पोस्ट की बात आती है यानी कि कोई नये ब्लॉगर पूराने ब्लॉगर को पूछता है, भाई मै आपके ब्लॉग पर एक गेस्ट पोस्ट लिखूंगा जिसके बदले मुझे आप एक back link दे दो इस तरह कहते हैं तो शायद तयार हो जांएगे। पोस्ट लिखने के पहले कंडीशनस वगैरे वगैरे बताएंगे। इससे दोनों को फायदा ही हो जाता है।गेस्ट लिखनेवाले ब्लॉगर्स को back links और जिसका ब्लॉग पर गेस्ट पोस्ट लिखा उनको एक क्वालिटी पोस्ट। गेस्ट पोस्ट से हमे जो बॉकलिंक मिलता है यह एक अच्छी क्वालिटी बॉकलिंक माना जाता है।इसका फायद गेस्ट पोस्ट लिखने वालो को जरूर मिलेगा।यह कैसे मिलेगा इसके बारे में आगे डिस्कस करने वाला हूँ ताकी आपको अच्छी तरह समझ में आये। आपको यह समझ मे आया होगा हमे गेस्ट पोस्ट क्यो लिखना जरूरी है।

क्या आपको यह पता है गेस्ट पोस्ट लिखने के फायदे कक्या है?अगर नही तो आप और थोडा पढिये आपको ये भी समझ में आयेगा।

गेस्ट पोस्ट लिखने का फायदे

गेस्ट पोस्ट लिखने के कई सारे फायदे है जिससे ब्लॉग पोस्ट रैंक करने मे मदत मिलती है।

एक back link मिलता है

कोई भी किसी के ब्लॉग मे जाकर किसी वजह के बिना पोस्ट लिखता नही,क्योंकि ब्लॉग पोस्ट लिखने का मतलब यह बिल्कुल नही की हम दुसरोंको ब्लॉग मे कुछ भी लिख दे। ब्लॉग पोस्ट लिखने के लिए बहुत मेहनत करनी पडती है,यह मेहनत कोई दुसरे के लिए क्यो करेगा,गेस्ट पोस्ट लोग इसलिए लिखते है गेस्ट पोस्ट के बदले हमे एक back link मिले।

Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है?
Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है?

एक back link के लिए ब्लॉगर्स दुसरे ब्लॉग मे जाकर पोस्ट लिखते हैं जिसे बॉकलिंक कहते हैं।क्या आपको पता है बॉकलिंक के कितने प्रकार होते हैं, अगर नही तो कोई बात नही मै आपको बताता हूँ।

Back link के प्रकार

Back link के दै प्रकार होते हैं 

  1. Do follow back link
  2. Nofollow back link
1.Dofollow back link

Do follow backlink को गूगल फॉलो करता है,इसलिए गेस्ट पोस्ट लिखने वाला ब्लॉगर गेस्ट पोस्ट के बदले एक एक Do follow back link चाहता है।नये ब्लॉगर्स को लगता है हमे एक High D.A और P.A ब्लॉग से एक Dofollow back link चाहिए।

2.Nofollow back link

Nofollow back link कै गूगल फॉलो नही करेगा, लेकिन seo के हिसाब से Nofollow back link को महत्व दिया जाता है। बहुत सेseo एक्सपर्ट मानते हैं की ब्लॉग मे Dofollow और Nofollow बॉकलिंक का रेसीओ बॉलन्सेबल होना चाहिएएसा नही है तो गूगल वेबसाइट को गूगल मे रैंक नही करेगा।

Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है?
Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है?

ब्लॉग की रैंकिंग चान्स बढ जाती है

गेस्ट पोस्ट के वजह से ब्लॉग का रैंकिंग चान्स बढ जाती है, क्योंकि अपना एक पोस्ट high D.A,P.A ब्लॉग मे है जिसके वजह से वह गूगल मे जरूर रैंक करेगा।जब लह गूगल मे रैंक करेगा उस पोस्ट अपने ब्लॉग पर ट्राफिक आने की चानसेस बढ जाती है। ऐसा हमने क्या किया है जिससे अपने ब्लॉग पर ट्राफिक आयेगा पता है, गेस्ट पोस्ट अपने ब्लॉग का लिंक और अपने ब्लॉग का अदर पोस्ट के लिंक जरूर होगें जिससे अपने ब्लॉग पर ट्राफिक आनेकी संभावना रहती है।

ट्राफिक आनेकी संभावना तो रहती है लेकिन गेस्ट पोस्ट का क्वालिटी अच्छी होना चाहिए।हमने जो पोस्ट लिखी है वह यूजर को पसंद आना चाहिए तभी तो यूजर अपना ब्लॉग पर आयेगा और भी अच्छा लगा तो आपका डेली यूजर बननेकी संभावना भी रहती जिससे गेस्ट लिखनेवाले ब्लॉगर्स को फायदा जरूरी मिलेगी।

ब्लॉग की D.A और P.A  बढती है

गेस्ट पोस्ट के वजह से अपना ब्लॉग D.A,P.A बढती है इससे अपने ब्लॉग के पोस्ट भी धीरे धीरे गूगल मे रैंक होने लगेगा। आपने देखा होगा ऐसे भी कुछ ब्लॉग्स है जिसके पोस्ट मे क्वालिटी कम नजर आती है लेकिन वो गूगल मे रैंक करते है।आपकी पोस्ट से उनका पोस्ट क्वालिटी अच्छी नही है,तो भी गूगल मे रैंक करती है।ऐसा क्यों?इस तरह का सवाल आपके मन मे जरूर आया होगा, ये सारे ब्लॉग्स इसलिए रैंक करती है कि,उनका ब्लॉग्स का D.A (Domain authority) और P.A (Page authority)आपके ब्लॉग से ज्यादा है।

अभी आपको समझ मे आया होगा की,D.A और P.A का महत्व क्या है।वह back link से मिलता है, गेस्ट पोस्ट भी एक बॉकलिंक का ही प्रकार होता है।

Guest post लिखने के लिए हमे क्या करना चाहिए

गेस्ट पोस्ट लिखने के लिए सबसे पहले हमे अपना ब्लॉग के रिलेटेड नीश के कोई क्वेरी (quaeri) सर्च करना चाहिए।सर्च करते ही आपके सामने बहुत सारे ब्लॉग्स आयेंगे अभी आपको एक एक ब्लॉग विजिट करना चाहिए और पर्टिकुलर ब्लॉग के contract us page जो ईमेल है उस से संपर्क करके यह बताना चाहिए मै आपका ब्लॉग मे एक गेस्ट पोस्ट लिखना चाहता जो एक क्वालिटी गेस्ट पोस्ट होगा।

इस तरह चार पांच ब्लॉग को विजिट करना होगा ऊन्हे थोडा समझा के बताना होगा। इनमे से कोई कोई ना आपका बात जरूर मानेगा और इसके साथ साथ कुछ कंडीशनस भी रखेंगे उसे ध्यान मे रखते हुए एक क्वालिटी, यूनिक पोस्ट लिखे।अगर आप एक बिगिनर है तो आप इस ब्लॉग मे जाकर अपना ब्लॉग पोस्ट लिख सकते है उन ब्लॉग्स का लिंक ये है www.burlasir.com (हिंदी) और यह मराठी का www.educationinmarathi.com  इतना ही नही यह ब्लॉग तो मै बिगिनर के लिए इसलिए बनाया है कि.इसमे केवल गेस्ट पोस्ट ही लिखना है मै भी एक गेस्ट की तरह पोस्ट लिखता हूँ।मै अभी इसका लिंक भी दे रहा हूँ  www.kgtopgedu.in इसमे कोई भी अपना गेस्ट पोस्ट लिख सकते है।

निष्कर्ष

मै अपने हिसाब से, experience से Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है? What is guest post? इस पोस्ट मे गेस्ट पोस्ट लिखने के लिए हमे पहले क्या समझ लेना चाहिए।ब्लॉगिंग के फिल्ड मे गेस्ट को क्या महत्व है, क्या हमे गेस्ट पोस्ट लिखना ही चाहिए और गेस्ट पोस्ट हमे किस तरह फायदा होता है आदी के बारे मे बताया।

अगर आपको Guest post kya hota hai? गेस्ट पोस्ट क्या होता है? What is guest post?इससे थोडा भी हेल्प मिला या अच्छा लगा तो अपने दोस्तो को जरूर शेयर करे, समझने मे परेशानी है तो कमेंट करके बतायीये।

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FAQ (frequently asked questions)

क्या हम Guest post किसी के भी ब्लॉग मे लिख सकते है?

Answer:- हां हम किसी के भी ब्लॉग मे गेस्ट पोस्ट लिख सकते है,लेकिन हमे ब्लॉग ओनर के कूछ कंडीशनस को मानना पढेगा, जैसे कि, ब्लॉग niche ब्लॉग पोस्ट क्वालिटी ये सभी कंडीशनस गेस्ट पोस्ट लिखने के पहले मानना पढेगा। ये सब शर्ते मानने के बाद हम गेस्ट पोस्ट लिख सकते हैं। कभी कभी क्या होता है ब्लॉगर्स अपने ब्लॉग मेन्यू बार मे गेस्ट Submission form का link देते हैं जिसमे लिखा होता है कि,पोस्ट का टाईटल मे कितने वर्डस होना चाहिए और पोस्ट लेंथ कितने होना चाहिए।अगर ये सब कंडीशनस को ध्यान में रखते हुए पोस्ट लिखते हैं तो ब्लॉग का ओनर जरूर पब्लिश करेंगे अपने ब्लॉग मे अगर नही माने पोस्ट डिलीट कर देंगे

क्या गेस्ट पोस्ट लिखने के बाद plagiarism चेक किया जाता है?

Answer:- इसका जवाब हां है गेस्ट पोस्ट लिखने के बाद कोई भी ब्लॉगर गेस्ट पोस्ट को बिना plagiarism चेक किये पब्लिश करता ही नही। पहले plagiarism tool मे plagiarism चेक करेंगे बाद मे पब्लिश करते हैं।

क्या सभी ब्लॉगर्स को गेस्ट पोस्ट लिखना ही चाहिए?

Answer:- सभी ब्लॉगर्स को गेस्ट पोस्ट लिखना ही चाहिए इसका जवाब है, नही गेस्ट पोस्ट लिखना है या नहीं आपके ऊपर डिपेंड करता है। ऐसा बिलकुल नही है कि,हम गेस्ट पोस्ट लिख दिये तो ब्लॉग के गूगल मे रैंक हो जाएंगे। केवल गेस्ट पोस्ट से ब्लॉग पोस्ट रैंक होने की संभावना बनी रहते। अब आप ही सोच सकते है कि,हमे गेस्ट पोस्ट लिखना है या नही।

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