Blog ka technical seo kaise kare |ब्लॉग का technical seo कैसे करे?

दोस्तों आपको अपने ब्लॉग पोस्ट को गूगल के top ten मे रैंक कराना है।तो आपको अपने ब्लॉग का सही तरीक़े से अपने ब्लॉग पोस्ट ऑप्टिमाईज करना पडेगा। आज मै आपको Blog ka technical seo kaise kare /ब्लॉग का technical seo कैसे करे? इस पोस्ट मे अपने ब्लॉग का technical seo कैसे करते है इसीके बारे में बतानेवाला हूँ। आपको पता है सब ब्लॉगर्स on page seo और off page seo अच्छे तरीकेसे करते हैं लेकिन उन्हें ये पता नहीं है की.Blog ka technical seo kaise kare /ब्लॉग का technical seo कैसे करे? वैसे देखा जाएं तो यह काम तो सभी ब्लॉगर करते हैं।इसके बिना तो ब्लॉग का ग्रोथ होता ही नहीं है। Blog ka technical seo /ब्लॉग का technical seo मे आता क्या है ?ये सभी ब्लॉगर्स को पता नहीं नही है।

आपको यह पता है ब्लॉग ग्रोथ करने के लिए यह जरूरी है,हां आप एक ब्लॉगर बनना चाहते हैं तो आपको seo की बेसिक जानकारी के साथ साथ आपको technical seo के बारे मे जानकारी होना ही चाहिए।वरना आप अपने ब्लॉग ग्रोथ कभी नहीं कर पाओगे।यह पोस्ट बहुत मजेदार और आपको हेल्पफुल होनवाला है, इसलिए इस पोस्ट के हर पाईंट को अच्छे तरीकेसे पढे।चले आयीये Blog ka technical seo kaise kare /ब्लॉग का technical seo कैसे करे? यह जानने के लिए.

technical seo क्या है? | What is technical seo?

Technical seo करने के पहले हमे technical seo क्या है? What is technical seo इसके बारे मे जानना जरूरी है।क्योंकि यह जानेेेबिना technical seo केे बारे मे सोचना भी गलत होगा। Technical seo ये techniques होता है, जिनसे की,ब्लॉग का पोस्ट गूगल मे जल्दी इंडेेेक्स और रैैंंक हो जाते हैं। इसका प्रयोग ब्लॉगर केवल अपने पोस्ट मे ही करतेे नही ,इसके अलावा और भी जगह करते हैं।

Technical seo क्या है? ये तो आप समझ गये होंगे।क्या आपको पता है Blog ka technical seo kaise karte hai | ब्लॉग का technical seo कैसे करते है? नही तो कोई बात नही मै आपको अच्छी तरीकेसे समझानेकी कोशिश करता हूँ आप आगे कंटीन्यू पढे।

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Blog ka technical seo kaise kare | ब्लॉग का technical seo कैसे करे?

अपने ब्लॉग को technical seo के जरिये कैसे एक सफल ब्लॉगर गूगल मे रैंक कराते हैं इन सभी टिप्स मै बता रहा हूँ। जिससे कि,उन ब्लॉगर्स के ब्लॉग पोस्ट जल्दी गूगल मे इंडेक्स हो जाते हैं। technical seo के बहुत सारे फक्टर्स है लेकिन मैं आप लोगों को वो ही बताऊंगा जो ब्लॉग के पोस्ट गूगल मे इंडेक्स और रैंक होने के लिए बहुत जरूरी है।अगर आप इन्हें फॉलो करते हैं तो आप अपने ब्लॉग पोस्ट को जल्दी गूगल मे रैंक करा सकते हो।

ब्लॉग का title attractive बनाना चाहिए –

ब्लॉग का पोस्ट लिखते समय कभी कभी यह ध्यान मे रखना होता है यूजर को अपना ब्लॉग पोस्ट देखते ही कैसै पसंद आये।इसलिए हमे ब्लॉग का title attractive बनाना पडता है।यह काम भी करना जरूरी होता है जिससे लोग अपने ब्लॉग पोस्ट पर क्लिक करने की संभावना रहती है।जैसे seo के 10 टीप्स, one page sep ke tips 15 इस तरह आप अपने पोस्ट को attractive बनाना जरूरी है।

Domain name का choice कैसे करे –

Domain name choice या राजिस्टार करते समय आपको थोडा सोचना होगा, क्योंकि आगे जाकर इससे आपको परेशानी या पापुलारटी मिल जाती है।डोमेन नेम लेते समय डोमेन नेम थोडा छोटा होना चाहिए, क्योंकि यह आपका वेबसाइट या ब्लॉग का अड्रेस होता है।जेसे की https://www.edu2017.com √ और https://www.educationinmarathi.com × आपका ब्लॉग का बहुत लंबा रहने से लोगों को याद रखनेमे परेशानी हो सकती है।इसके विपरीत छोटा नाम का होता हैयह लोगों को याद रहती है।इससे यह फायदा होता है कि, आपके ब्लॉग को लोग गूगल मे सर्च करते है जिससे गूगल को आपके ब्लॉग के बारे मे पाजिटिव सिगनल जाता है और गूगल आपके ब्लॉग पोस्ट को रैंक कराने की चॉनस बढ जाती है।

आपका ब्लॉग किसी एक कंट्री को टार्गेट करते हैं तो आपको उसी कंट्रीके हिसाब से डोमेन नेम एक्सटेंशन लेना पडेगा।जैसे कि, ईंडिया का.in इंगलैंड का . uk इस तरह डोमेन नेम लेना चाहिए। ब्लॉग अंंग्रेजी रहा यानी पूरे वल्ड को टरगेट करता है तो आप.com वाला ही लेना चाहिए

Domain name choice इसका फायदे –

आपका ब्लॉग का डोमन नेम ऐसा हो जिसमे आपका नीश का या प्रोडक्ट जिक्र हो। इससे क्या होता है जब भी कोई युजर आपके ब्लॉग नीश के रिलेटेड सर्च करता है तो आपका ब्लॉग को गूगल पहले दस पोस्ट मे आपका ब्लॉग का दिखानेकाकाफी संभव रहता है।इसका अर्थ ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि,ब्लॉग डोमेन नेम मे ब्लॉग नीश का उल्लेख जरूर हो।

ब्लॉग का डोमेन नेम ऐसा नही भी रहा तो भी आपके ब्लॉग पोस्ट रैंक हो सकते हैं लेकिन इसके लिए समय लगेगा।कभी कभी ब्लॉग पोस्ट रैंक होने के लिए एक दो साल लग सकते हैं।यह मैंने आपको बताही दिया है वेबसाइट्स के डोमेन नेम मे प्रोडक्ट या नीश का होना जरूरी नही है,इसके बिना भी वेबसाइट्स पापुलारटी पा सकते हैं।उदाहरण केAmazon और flipkart इनमे तो ऐसा कुछ नही है।इतनाही नही मैने भी इस तरह सोचा नही मैने एक डोमेन नेम ले लिया और अपना ब्लॉगींग स्टार्ट किया है, इसलिये आज भी मुझे तरह तरह की परेशानियां झेलनी पडती है।इसलिए मै इसको technical seo के एक पार्ट समझता हूँ।

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अगर आप एक हिंदी ब्लॉगर है तो आपका ऑडीयान्स भी हिंदी के हो सकते हैं।इसका मतलब आपका ब्लॉग हिंदी के है तो आप डोमेन नेम का एक्स्टेंशन.in का होना जरूरी है, क्योंकि.in डोमेन नेम अपने इंडिया के लिए ही बनाया गया है। इस तरह के डोमेन नेम को गूगल पूरे वल्ड शो नही करता है कभी कभी गूगल वल्ड शो करता है।अगर आपका ब्लॉग हिंदी का है तो आपके लिए यह बेस्ट आपशन होगा।अगर आपका ब्लॉग इंडिया के ऑडीयान्स के लिए है ,लेकिन अंग्रेजी मे है तो आप.com का डोमेन नेम लेने से आपको फायदा होगा। क्योंकि आपका ब्लॉग को वल्ड गूगल कहीं पे भी शो किया तो भी कोई प्राब्लेम्स नही है वल्ड सभी लोग अंग्रेजी जानते है।

आपका ब्लॉग हिंदी मे है लेकिन आपका आपका डोमेन नेम का एक्स्टेंशन.com का है तो पहले गूगल आपका ब्लॉग को टेस्ट करने के लिए वर्ल्ड मे कहीं पे भी दिखाता है लेकिन इंडिया के बजाय लगभग दुनिया सभी लोग हिंदी को जानते ही नही,क्या उनके सामने आपका ब्लॉग शो करेगा तो ये लोग आपके ब्लॉग पढेंगे?नही ना अगर ऐसा चलता रहा तो आपका ब्लॉग का बौन्स रेट बढ जाएगा जिससे गूगल आपका ब्लॉग रेटिंग कम करदेगा इसलिए डोमेन नेम सोच समझकर लेना होगा। इसके बाद ब्लॉग पोस्ट रैंक कराने के लिए किवर्ड का महत्वपूर्ण भूमिका होती है।चलिए किवर्ड क्या है (What is keyword) यह भी जानते हैं

किवर्ड क्या है | What is keyword –

“जब भी कोई यूजर समास्या का समाधान पानेके लिए गूगल मे कुछ query सर्च करता हैं तो उसे किवर्ड कहलाते है” जैसे कि, ब्लॉग कैसे बनाये?, गूगल मे फ्री ब्लॉग कैसे बनाये? डोमेन नेम क्या होता है? (What is domain name) ये सभी queries को ही किवर्डस कहते हैं।किवर्ड क्या होता है और यह जानना एक नये ब्लॉगर के लिए क्या जरुरी है? हाँ एक नये ब्लॉगर को यह समझना जरुरी है।

ब्लॉग का title और url मे फोकस किवर्ड होना जरूरी है?

ब्लॉग का title मे फोकस किवर्ड होना जरूरी है कभी कभी कुछ नये ब्लॉगर्स पोकस किवर्ड को अपने title मे रखते नही है, लेकिन यह गलती करना नही चाहिए। जब भी कोई आपका किवर्ड से रिलेटेड सर्च करते है इससे आपका ब्लॉग को गूगल युजर के सामने शो करता है।क्योंकि पोकस किवर्ड title मे है ,इसका मतलब आपका फोकस किवर्ड title मे होना चाहिए।

इसी प्रकार फोकस किवर्ड url मे भी होना चाहिए अगर वर्डप्रेस प्लेटफार्म मे ब्लॉगींग करते हैं और अपने ब्लॉग मे yost या फिर rank math जैसे seo plugin का इस्तेमाल आप करते होंगे।इसमे आपको पोस्ट का url एड करने का आपशन दिखायेगा जिससे यह काम आसानीसे कर सकते है।

Focus Keyword SEO Meta Description होना जरूरी है

फोकस किवर्ड Focus Keyword SEO Meta Description मेहोना जरूरी है, क्योंकि आपके ब्लॉग पोस्ट मे क्या है यह गूगल को मालूम होना चाहिए।जब आपके पोस्ट मे क्या है यह गूगल को पता ही नही है तो गूगल यूजर को आपका पोस्ट क्यो दिखायेगा।बराबर है ना इसलिए हमे Focus Keyword किवर्ड SEO Meta Description मे एड करना चाहिए जिससे कि, गूगल को यह समझ सके कि.आपके ब्लॉग पोस्ट मे आखिर है क्या? क्या? इसलिए यह काम करना जरुरी है।

Focus Keyword का density कितने होना चाहिए?

फोकस किवर्ड का अपने ब्लॉग पोस्ट मे सही तरीके से प्लेसमेंट करना बहुत जरूरी है।ब्लॉग पोस्ट मे फोकस किवर्ड का इस्तेमाल सोच समझ कर करना होगानही तो गूगल आपका ब्लॉग पोस्ट को किवर्ड स्टंपिंग के नाम पर पॉनालाइज कर सकता है।एक ब्लॉगर को गूगल का प्रोटोकॉल या नियम पालन करना जरूरी है, क्योंकि दुनिया का सबसे बढा और अच्छा सर्च इंजिन गूगल ही है।इसलिए ब्लॉग पोस्ट रैंक करने के चक्कर मे ज्यादा मात्रा मे किवर्ड का इस्तेमाल ब्लॉग मे नही करना चाहिए।

इस तरह के काम गूगल को नही युजर को भी अच्छा नही लगता, युजर यह चाहता है कि,क्या समास्या का समाधान इसमे मिल जाएगा या नही। युजर यह नही चाहता ब्लॉग मे इधर उधर किवर्डस ही किवर्डस हो।

इसलिए हमे अपने ब्लॉग मे किवर्ड का इस्तेमाल ऐसा करना चाहिए जिससे ब्लॉग पोस्ट भी रैंक हो और इसी के साथ साथ गूगल और यूजर भी खुश हो।इसलिए मै कहता हूँ पोस्ट keyword density 0.5 ते 0.6 इसीके बीच रखना जरूरी है।

Sub keywords का Density कितने होना चाहिए?

ब्लॉग पोस्ट मे फोकस किवर्ड मेन किवर्ड होता है लेकिन इसके आलावा भु किवर्डस होते जिससे भी ब्लॉग पोस्ट रैंक कराते हैं।सवाल यह उठता है कि,Sub keywords का Density कितने होना चाहिए? जिससे यूजर और गूगल दोनो भी खूश हो सके। Sub keywords का Density कितने होना चाहिए? पता है यह थोडा फोकस किवर्ड से कम होना चाहिए, यानी कि.0.2 ते 0.3 के बीच इसका keyword density होना चाहिए।

Internal links –

ब्लॉग मे internal linking का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।इस प्रकार का काम से आपका ब्लॉग का बूस्ट हो सकता है।आपके ब्लॉग के किसी एक पोस्ट गूगल मे रैंक कर रहा है तो अगर आपने उस पोस्ट मे internal linking करके रखा है तो उस लिंकिग के वजहसे बाकी के पोस्ट भी रैंक होने की चानसेस बढ जाती है।क्या आपको पता है internal linking कैसै करना चाहिए ।internal linking करते समय anchor text का इस्तेमाल करना चाहिए।

वेबसाइट/ का स्पीड बढाना जरूरी है –

ब्लॉग बनाना और उसमे रोज पोस्ट पब्लिश करना ही एक ब्लॉगर के लिए काफी नही है इसके साथ साथ अपना ब्लॉग के लोड होने का समय का ध्यान रखना बहुत जरुरी है।गूगल भी यही चाहता है कि. युजर को किसी पोस्ट को पढने के लिए परेशानी न हो।इसी वजहसे गूगल वही ब्लॉग को युजर के सामने शो करता है जिन ब्लॉग के स्पीड दो से तीन सेकंड के बीच मे है।आपको अभी समझ में आया होगा ब्लॉग रैंक होने के लिए स्पीड का क्या महत्व है।

वेबसाइट या ब्लॉग का स्पीड चेक करने के लिए mouze और google का भी टुल है जिसका मदद से ब्लॉग का स्पीड चेक करके बादमे आपका ब्लॉग का स्पीड बढा सकते हैं।

ब्लॉग का design –

ब्लॉग का होम पेज पूरा ब्लॉग का चेहरा होता है, इसलिए ब्लॉग का होम पेज का अच्छे तरीक़े से design करना होगा।क्योंकि जब भी कोई युजर ब्लॉग का विजीट करता है तो उसे आपका होम पेज दिखाई देता है।हो सकता है आपका ब्लॉग का स्पीड अच्छी हो, क्लॉलिटी पोस्ट भी है ,लेकिन आपका ब्लॉग का डिजाइन अच्छा नही है तो कभी कभी युजर फिर से आपका ब्लॉग को विजिट नही करेगा। बस इसके लिए एकी कारण है ब्लॉग का डिजाइन इसलिए इस तरह का गलती एक सफल ब्लॉगर नही करते हैं।

एक सफल ब्लॉगर बनना है तो आप अपने ब्लॉग का डिजाइन अच्छे तरीके से करे ताकि यूजर को आपका ब्लॉग अच्छा लगे और इससे आपको ट्राफिक हमेशा मिलते रहे।आप मोबाइल से ही ब्लॉगींग करते हैं तो अच्छी तरह आपका ब्लॉग का डिजाइन नही कर पाओगे इसलिए किसी कंप्यूटर इनीस्ट्यूट मे जाकर या फिर किसी दोस्त के पास जाकर अपने ब्लॉग का डिजाइन करवा लीजिए।

ब्लॉग को CDN से कनेक्ट करे –

ब्लॉग का स्पीड बढाने के लिए आप अपने ब्लॉग को CDN से कनेक्ट करे। अगर आप WordPress ब्लॉगींग कर रहे है तो आपको कुछ कुछ hosting service provider कंपनियां CDN का सरव्हीस प्रोवाइड करता है। ऐसे CDN का सरव्हिस गिनेचुने कंपनियां करते हैं।इसलिए आपको ब्लॉग को CDN से कनेक्ट करने के लिए Cloudflare के साथ जाना होगा जो आपको फ्री में CDN service प्रोवाइड करेगा।

आपका ब्लॉग वर्डप्रेस मे हो या blogger इससे कोई फरक नही पडता किसी भी ब्लॉग को आप CDN के साथ कनेक्ट कर सकते है।

Image optimization –

Image optimization करना जरूरी होता है इसमे भी कईं सारे Image optimization के प्रकार है जिनसे ब्लॉग पोस्ट गूगल रैंक हो जाते हैं।

Image size –

Image का size पे हमे ध्यान देना होगा, अगर Image का बढा है तो ब्लॉग लोड होने मे टाईम लेता है।इसलिए इमेज का साईज 50 kb से ज्यादा नही होना चाहिए।इसके लिए आप वर्डप्रेस मे Image optimization plugins मिलते हैं जिसके जरिए ईमेज का साईज कम कर सकते हैं।

Blogger मे ब्लॉग है तो आप Image optimization कईं सारे वेबसाइटस है, जहाँ से आप Image optimization कर सकते है।

Image alt text –

गूगल Image को पढ नही पाता है इसलिए हमे इमेज का सही तरीके से seo करना पड़ता है।इसलिए इमेज का alt text लगाना जरूरी होता है। alt text लगाने से गूगल इमेज को सही तरीक़े से समझ सकता है।आज इमेज से भी ब्लॉग पर ट्राफीक आता है।इसलिए यह एक नये ब्लॉगर करना बहुत जरूरी है।

Blog मे technical seo के महत्व क्या है?

ब्लॉग मे technical seo सही तरीके से इंफ्लीमेंट किया तो ब्लॉग जल्दी गूगल मे रैंक हो जाएगा, क्योंकि गूगल को यह समझ में आयेगा इस ब्लॉग मे किस टॉपिक पर ब्लॉग पोस्ट लिखे जाते यह गूगल को समझ में आयेगा। technical seo यह जिसमे यूजर और गूगल इन दोनों को मध्यबिंदु मानकर पोस्ट लिखे जाते हैं। अभी आपको Blog ka technical seo kaise kare |ब्लॉग का technical seo कैसे करे? या करते हैं यह आपको समझ मे आ रहा होगा।ब्लॉग या वेबसाइट को इस तरह optimization किया जाता जो यूजर और गूगल को value प्रोवाइड करता है।

ब्लॉगर अपने ब्लॉग को अपने खुद के हिसाब से नही बल्कि सर्च इंजन और यूजर के हिसाब से ब्लॉग बनाता है।एक ब्लॉगर के लिए पाठक भगवान जैसा होता है जबकि सर्च इंजन पूजारी जैसा होता है।अभी बतायीये ब्लॉगर इनमेंसे किसी को नाराज करना उचित है नही ना। इसलिए मुझे लगता है Blog ka technical seo करना बहुत जरूरी है।इन दोनों के मदद से ही एक ब्लॉगर ब्लॉग सफल हो सकते है।

निष्कर्ष –

अभी आपको Blog ka technical seo kaise kare |ब्लॉग का technical seo कैसे करे? यह पोस्ट पढने के बाद आपको एक बात समझ मे आया होगा। Blog ka technical seo कुछ ऑफ पेज seo का भी कुछ कुछ भाग है और इसी के साथ साथ on page seo का भी कुछ भाग है। title मे फोकस किवर्ड, seo के meta description मे फोकस किवर्ड होना जरूरी है, ये सब on page seo के पार्ट भी है और इसी तरह यह technical seo भी है।

ऐसे किसी ब्लॉग पोस्ट रैंक होने के लिए गूगल के 200 plus रैकींग पॉक्टर्स गुजरना पड़ता है।ऐसे तो किसी को भी गूगल का अल्गोरिथम समझ मे नही आता है।बस सभी अपने अनुभव के अनुसार किसी ब्लॉग पोस्ट रैंक हो सकते हैं या नही यह बताते हैं।और इसका अल्गोरिथम सभी को समझ में आया होता तो कब का अरबपती बन जाते।इसका मतलब ये भी नही हो सकता ये सब झूठ है, थोडा बहुत इधर उधर हो सकते है ये सभी पाठक जानना जरूरी है।

अभी आपको Blog ka technical seo kaise kare |ब्लॉग का technical seo कैसे करे? इस सवाल का जवाब मिल गया होगा। बहुत सारे लोग ऐसे सोचते हैं कि, Blog ka technical seo kaise kare |ब्लॉग का technical seo कैसे करे?इतना ही नही यह काम ब्लॉगर को पता होना चाहिए लेकिन यह पता ही नही है Blog ka technical seo kaise kare |ब्लॉग का technical seo कैसे करे? और technical seo क्या है? technical seo की जरूरत क्यूँ है।

दोस्तो अगर आपको Blog ka technical seo kaise kare |ब्लॉग का technical seo कैसे करे? यह पोस्ट अच्छा लगा तो शेयर करे और कमेंट करके बतायीये क्या technical seo को पार्ट मिस है जो मुझे इस पोस्ट मे एड करना चाहिए था लेकिन मै नही किया।

Suresh Burla Sironcha Di- Gadchiroli State -Maharastra India

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