ब्लॉग के कितने प्रकार होते हैं?

आज मैं आपको ब्लॉग के कितने प्रकार होते हैं?इस पोस्ट के माध्यम से ब्लॉग के कितने प्रकार होते हैं?और वो किस प्रकार काम करते हैं इसके बारे मे बताने वाला हु।अगर आप नये नये ब्लॉगर है या फिर ब्लॉगिंग करने के लिए सोच रहे हैं तो आप इस पो्स्ट को बिना स्किप करते हुए अंततक पढे,क्योंकि एक ब्लॉगर को ब्लॉगिंग करने के पहले यह समझना बहुत जरुरी है।

ब्लॉग के कितने प्रकार होते हैं?

ब्लॉग के ऐसा देखा जाए तो बहुत सारे प्रकार हैं,जैसे जनरल ब्लॉग, नीश ब्लॉग, मायक्रोनीश ब्लॉग और आँटो ब्लॉग लेकिन इसमें ब्लॉग के मुख्य प्रकार दो ही हैं एक जनरल ब्लॉग और एक नीश ब्लॉग।

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जनरल ब्लॉग:-

जनरल ब्लॉग मे एडुकेशनल ब्लॉग, टेकनिकल ब्लॉग और हेल्थ ब्लॉग और बहुत सारे प्रकार होते हैं।इसप्रकारके ब्लॉग मे अपने इच्छा के मुताबिक लिख सकते हैं, हां यह तो जरूरी हैं हमें क्या लिखना है इसके बारे मे जानकारी होना जरूरी है।जनरल ब्लॉग मे अलग अलग विषय पर लिख सकते हैं यानी अपने ब्लॉग में अलग अलग कँटेगिरी बनाके लिख सकते हैं।

अगर अपने पास बहुत सारे नालेज हैं तो जनरल ब्लॉग शुरू कर सकते है इस प्रकार के ब्लॉग में ब्लागिंग करते समय जादा सोचने की जरूरत नहीं है मेरा मतलब आपको ब्लॉग लिखते समय परेशानी नहीं होगी।क्योंकि जनरल ब्लॉग मे लिखने के लिए आपके पास बहुत सारे टापीक होंगे आप आराम से लिख सकते हैं।

जैैसे कोई एम.बी.बी.एस.और आर. एम.पी.डाँक्टर अपने मरीज के साथ व्यवहार करते हैं ठीक उसी प्रकार जनरल ब्लॉग के ब्लॉगर कर सकते हैं।किसी भी प्रकार के बीमार के इलाज कर सकते हैं, यानी मेरा कहने का मतलब ये है कि, जनरल ब्लॉग के ब्लॉगर किसी भी टाँपिक पर लिख सकते हैं इसके उपर कोइ बंधन नहीं होगा लेकीन नालेज होना जरूरी हैं।

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जनरल ब्लॉग का फायदा:-

जनरल प्रकार का ब्लॉग में काम करने से हमें कुछ फायदे भी हैं

लिखने को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं है:-

लिखनेको लेकर ज्यादा परेशानी होने की जरूरत नहीं है, यह एक जनरल ब्लॉग होता हैं जिसमें अपने हिसाब से हम पो्स्ट लिख सकते हैं।इस प्रकार का ब्लॉग में लिखने के लिए अपने पास बहुत सारे विषय होते हैं जिसके मदद से हम आसानिसे ब्लॉग पोस्ट लिख सकते हैं

ट्रापीकज्यादा आता है:-

जनरल ब्लॉग में ट्राँपीक ज्यादा आता है क्योंकि इसमें बहुत सारे विषय पर काँंटेंप अवाइलेबल होते हैं।इसलिए बहुत सारे युजर आते हैं और अपने वेबसाइट को वीजीट भी कर सकते हैं।इसलिए इस प्रकार का ब्लॉग मे ट्रापीक ज्यादा आता है।

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नये नये ब्लॉगर को कापी कुछ सीखने को मिलता हैं :-

जब भी कोइ ब्लॉग बनाते हैं उन्हें बहुत सारे परेशानी झेलनी पडती हैं, क्योंकि पहले उन्हें यह मालूम नहीं रहता की किस तरीकसे ब्लॉगिंग करें?बिना जानकारी के इस फिल्ड मे आ जाते हैं।ब्लॉगिंग करते हैं इसका मतलब ये लोग पहले कंपलसरी जनरल ब्लॉग ही बनाते हैं।

और बादमे ब्लॉगिंग करते करते ब्लॉगिंग के पूरे बारकिया, टिप्स सीख लेते हैं।ये सब काम जनरल ब्लॉग में ही नये नये करते हैं और कुछ नया सीखते हैं।ये सब जनरल ब्लॉग के फायदा हैं।

नीश ब्लॉग:-

नीश ब्लॉग जनरल से अलग होते हैं, इसमें ब्लॉगर अपन ब्लॉग मे सारे टाँँपीक या नीश पर काम नहीं करता बल्कि इनमें से किसी एक टाँपिक को चुनते हैं ,और उसी विषय पर पोस्ट अपने ब्लॉग में पबलिष करते रहते हैं।इसके लिए हमें सबसे पहले यह देखना होता है कि, जिस नीश पर ब्लॉगिंग करना चाहते है उसके पूरी जानकारी होना बहुत ही जरूरी माना ज्यादा है।

यह जनरल ब्लॉग जैसा नहीं हैं इसमें हम जो पोस्ट पबलिष करते हैं वो क्वालिटी कंटेंट होना जरुरी है।जैसे कोई स्पेशल डाँक्टर है ठीक उसी प्रकार नीश ब्लॉग का ब्लॉगर होता हैं।मैं फिर से बताना चाहुंगा कि इसमें सिरफ एकी नीश या टाँपिक पर पोस्ट पबलिष करते हैं।एक उदाहरण से समझाने का प्रयास करूंगा।Education एक जनरल ब्लॉग हैऔर गणित यह नीश ब्लॉग हैं इसमें सिर्फ गणित के बारे मे ही लिख सकते है।लेकिन Education मे गणित, सायन्स हिंदी और मराठी के बारे मे भी लिख सकते है

नीशब्लॉग के फायदे:-

नीश ब्लॉग के कुछ फायदे हैं जिनमें से कुछ निचे दिए हैं

एक सही दिशा मिल जाती है:-

ब्लॉगिंग करने के लिए एक सही दिशा मिल जाती है हमें क्या लिखना यह पहले से तय होता है।अपने ब्लॉग में पोस्ट पबलिष करने को लेकर किसी भी प्रकार की कनफ्यूजन नहीं रहता।क्योंकि हमें पता है हमारे ब्लॉग एक नीश पर आधारित हैं उसी पर मुझे काम करना है।

गुगल मे राँकिग जल्दी हो जाता हैं:-

नीश ब्लॉग जनरल ब्लॉग मुकाबले गुगल मे जल्दी राँक हो जाता हैं क्योंकि गुगल को अपने ब्लॉग पर कहांसे ट्राँपीक आ रही है यह समझ ने मे गुगल कोइ परेशानी नहीं होगी इसलिए गुगल नीश ब्लॉग को जल्दी राँक करता है।जनरल ब्लॉग का ऐसा नहीं है इसके लिए जनरल ब्लॉग को वेट करना पड़ता है।

जल्दी सबस्क्राइबर मिल जाते हैं:-

नीश ब्लॉग को जल्दी सब्स्क्राइबर मिल जाते हैं क्योंकि पढने वालोंको यह पता है अगले पोस्ट अपना ही काम का होगा इसलिए रीढर बिना देर करते हुए सबस्क्राइब करेगा।लेकिन जनरल ब्लॉग ऐसा बिल्कुल नहीं है, अगला पोस्ट किस टाँपिक पर होगा पाठक को मालूम नहीं है इसलिए पाठक सबस्क्राइब नहीं करेगा।और करें तो भी गिने चुने करेंगे।लेकिन सबस्क्राइबर नीश ब्लॉग पर मिल जाते हैं, यह बढा अडवनटेज हैं।

अगर आपको ब्लॉग के कितने प्रकार होते हैं?यह पोस्ट अच्छा लगा तो अपने दोस्तो मे ब्लॉग के कितने प्रकार होते हैं? यह पोस्ट शेयर करे ,या फिर इसमें कुछ कमींया हैं तो कमेंट करके बताए मैं जरूर सुधार ने का कोशिश करूंगा।

Suresh Burla Sironcha Di- Gadchiroli State -Maharastra India

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