शीर्षक और सारांश लेखन कैसे लिखा जाए?

शीर्षक और सारांश लेखन –

आज हमे शीर्षक और सारांश लेखन कैसे लिखा  जाए इस विषय पर चर्चा करते हैl  आप कभी सोचा होगा की हमे शीर्षक लिखनेको क्यूँ कहा जाता है, आप लोगोंको लगता होगा हमे मजबूरन लिखना पढा, आप मे से कुछ लोगोने परीक्षा मे लिखा ही होगा, ठीक है कोई बात नही, मै उनकेलीए बता दू की,   जो अभितक लिखाही  नही शीर्षक हो होता है जिसे देखकर  हमे यह समजमे आयेगा  की, इस  गद्यांस मे क्या होगा, यह हमे प्राथमिक रुपसे समज मे आयेगाl इसका मतलब इसका मतलब देखनेके बाद थोडाबहुत समजमे आयेगा l
परीक्षा मे लिखते समय ज्यादातर /लोग यह सोचते  है की, जो शब्द  गद्यांस मे बार बार आता है उसेही शीर्षक बनाना चाहिए लेकिन यह गलत है l गद्यांस मे बार बार आता है उसेही शीर्षक बना लेना ऐसी हमारी जो सोच है वह गलत है ऐसा कभी मत करीए l  मैने  इसका पहिले भी बताया अभी भी बता रहा हूँ l गद्यांस मे ऐसे शब्द या फिर  छोटे वाक्य हो सकता जो गद्यांस के भावपूर्ण अर्थ को सटीक रुपसे प्रकट करते हो l कोई भी शब्द कदापि नही हो सकताअर्थकेनुसार हमे ढुंढना होता है l जैसे किसी का परिचय करानेका यह एक तरिका हो सकता हैं, वह क्या करते है? कहांसे आये है?  वगैरे वगैरे बताया जाता है,  लेकिन उसका नाम नही बताया जाता,  कभी उसका ठाव ठिकाणा  वगैरे नही बताया  जाता है इसमे वो कहांसे आये, क्या करते है यह सब बताया जाता है l तो हमे यह ढूंढना इसका नाम क्या है l यह भी सच है की कही ना कही शीर्षक का उल्लेख जरूर होगा, इसमे एक मौका भी रहता है की सभी का शीर्षक हो नही सकता कभी कभी इधर उधर हो सकता है  इससे बहुत बढी problem नही आनेवाले नही है?
मै भी एक व्यक्ती का उदाहरण देखे समजानेकी कोशिश की लेकिन गद्यांसमे विषय वस्तूके के नाम हमे ढुंढकर लिखणा होगा जो की गद्यांस के अनुसार सही हो l इसलिए हमे गद्यांस को ठीक से पढना होगा ताकी लिखते समय कोई परेशानी ना हो इस तरह हमने गद्यांस सही शीर्षक लिख सकते इसमे कोई बढी बात नही, कोई कोई बच्चे डर जाते, उनकेमनमे  यह विचार आता की,  क्या हमलोग गद्यांस सही शीर्षक लिख पाता? कुछ नही इसमे सब लोग लिख सकते थोडा बहुत मेहनत करनी पढेंगी तो आरामसे लिख सकते l बस इसकेलिये दो -तीन बार पढे, और जाने तो थोढा बहुत आयडिया आयी जायेगा और शीर्षक लिखनेको मदद मिलेगा l मैने जो बताया इसको थोडा follow करो l
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मैने अभी तक यह बतानेकी कोशिश की कोशिश की किसी भी गद्यांस पढकर किस तरह किस तरह शीर्षक लिखे अब हम चलते है सारांश किसतरह लिखते है l इसको लेकर भी बच्चोन्के मन बहुत सारी विचार आते है, तो कोई उस गद्यांस को ठीक से पढते भी नहीमगर उमेसे आधा छोडके बाकी लिख है, कोई जैसे का वैसे लिखते l क्या इसे सारांश लेखन कह जाए? जवाब क्या होगा सारांश लेखन कहना उचित नही होगा l

शीर्षक और सारांश लेखन कैसे लिखा जाए?
शीर्षक और सारांश लेखन कैसे लिखा जाए?

आपके मन मे सवाल उठ रहे होंगे तो फिर सारांश लेखन किसे कहना चाहिए, सारांश लेखन हो होता है जिस मे गद्यांस का मूल भावार्थ होगा ना आधा, काटछाटकर लिखनेसे सारांश लेखन नही बनता उसे पहिले ठीक से पढो समजनेकी कोशिश करो और बादमे लिखनेको सुरुवात करो तभी अच्छी तरह लिख पायेंगे वरना मुश्किल है l

लेखक किसी विषय वस्तूको लेकर अपने विचार रखते है या फिर किसी व्यक्ती, वस्तू का वर्णन अलंकारिक भाषा से करते यानि अपनी सोच या विचार को अगले व्यक्ती को समजानेकेलिये अलग -अलग तरीके के उदाहरण देते ताकी अपने विचार लोगोंको जल्दी समज मे आ जाए l ऐसे अपलोगोंको समजने मे दिक्कत आ सकती है कुछ पाईंट्स आधार सें समजानेकी कोशिश करते हैं l

1.अलंकारिक भाषा का प्रयोग :-

मै इसके भारे मे पहिले भी थोडा बहुत बतया था लेकिन समजने मे कोई दिक्कत ना हो इसके लिये पाईंट का आधार लेना पढा, सीधा पाईंट पर आते है l लेखक अपने विचार समजानेके लिए बहुत सारे तरीकोंका उपयोग करता है ताकी अपने विचार सरलता सें समज सके l और एक बात यह की पढने मे लोगोंको अच्छा लगता है l

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2.उदाहरणं (examples ):-

कुछ विचार ऐसे होते है उदाहरण के बिना किसीको कुछ समजमे नही आता तो इस समय एकी उपाय होता है जो की, उदाहरण के समजाना, लेखक अपने विचार को सरलतासें समजाने के लिए उदाहरण देना चालू करता है,  की लोग अपने विचार आसानिसे समज सके l पढनेवाले भी शायद यही चाहते है l

3.शेर शायरी :-

अपने विचार समजानेके लिए यह भी कारगर उपाय समजते है, तब इसका उपयोग करना लाजमी होगा l लोग चाहते है की गाद्यांस मे कोई शायरी हो ताकी ताकी ज्ञान के साथ साथ मनोरंजन भी हो l

4.सुवचन का उपयोग :-

गद्यांस पर निर्भर करता है की अपने विचार लोगोंको समजाने के किसका इस्तेमाल करे कभी कभी सुवचन का भी इस्तेमाल करता है l

मैने अपलोगोंको यह समजानेकी की कोशिश की., लेखक गद्यांस मे अपने ओरोनको समजानेकेलिये क्या करते है, जब हमे सारांश मे लिखणा होता है तब ये सब लिखनेकी जरुरत नही है l सारांश का मतलब यह होता है की गद्यांस का मूल अर्थ,  लेखक ने हमे (लोगोंको )समजाने के यह सब करते है जो की, अनिवार्य नही है l जब हमे सारांश लिखणा है यह लिखनेकी जरुरत नही है यह आपको समाजमे आया होगा, आशा करता हूँ की अपलोगोंको यह समजमे आया होगा इस सें अपलोगोंको काफी मदद मिलेगी l

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Suresh Burla Sironcha Di- Gadchiroli State -Maharastra India

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