सूत्र संचालन कैसे करे?

सूत्र संचालन कैसे करे? –

आज मै आपको इस पोस्ट मे सूत्र संचालन कैसे करे? इसके बारे मे बतानेवाला हू, अगर आप सूत्र संचालन मे अपने करियर बनाना चाहते है तो सूत्र संचालन कैसे करे? इस पोस्ट को अंत तक पढे l

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दोस्तो आज हमने सूत्र संचालन कैसे करे? इसके के बारे मे चर्चा करते है, मंच /सूत्र संचलन कैसे करे? समाजमे ऐसे बहुत सारे लोग है जिन्होने बहुत पैसा धनदौलत कमाया है पर जब मंच पर बोलनेकी भारी आती है तो  हाथ पाव कापणे लगते, दोस्तो मंच संचालन करना यह एक बहुत बढी कला होती है जो सभीको नही जमता l हजारो लोगोंके सामने खडाहोकार बोलना आसान नही होगा l वैसे तो मंच पर खडा रहना आसान होगा, लेकिन दोस्तो यह कहना भी गलत होगा कि मंच पर खडा रहना नामुमकिन हैं l कोई भी सुत्रसंचालन अपने कठीण परिश्रम से, प्रयास से कर सकता है, और आज का समय मे करना भी जरुरी  है l
सूत्र संचालन कैसे करे?
सूत्र संचालन कैसे करे?

क्लास मे बहुत सारे बच्चे ऐसे होते हैं, जिन्हें सुत्रसंचालन के नाम सुनतेही डर लगते है, उन्हे लगता यह बहुत बढा झमेला हैं, हां ऐसे नही कि इन्हें कुछ आताही नही, क्लास मे हुशार भी, टॅलेंटेड भी होते है, इतने सारी qalities के बौजूद ऐसे, तो कैसा होगा? ऐसा सवाल किसीके मन मे आताही नही क्योंकी studets यह समजते है कि, मंच का संचालनही कुछ ऐसा काम है l लेकिन वास्तव मे कुछ ऐसा नही है, अगर सुत्रसंचालन करना चाहते हो तो पहिले उसको समजना बहुत जरुरी  है ताकी अच्छी तरह संचालन कर सके l

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मंच संचलन करनेके कई प्रकार होते है जैसे राजनीतिक सुत्रसंचलन, सामाजिक सुत्रसंचलन, सांस्कृतिक सुत्रसंचलन, बढे बढे राजनीतिक लोग अनेपर होनेवाला  कार्यक्रम के सूतसंचलन, बर्थडे और पारिवारिक कार्यक्रम लिए होनेवाला सूत्र संचलन इन सभी कार्यक्रमकेलिये अलग -अलग तरीकेसे मंचसंचलन किया जाता है l आप जिस भाषा मे संचलन करते हो उस भाषा पर पकड होना जरूरी है, चाहे आप मराठी हो, हिंदी हो, गुजराती हो अंग्रेजी भाषा हो l दोस्तो व्यक्तिमत्व मायने रखता है l जब मंच पर जाके संचालन करते है,  तो सब कुछ देखा जाता है, जैसे कि ड्रेस, शूट -बूट सब बोलनेकका तरिका आप जैसे भी है वह पुरा देखा जाएगा l मेरा मतलब दुबला -पतला या फिर धोंडे बहुत मोठे इस से कोई परखं नही पढता l
लेकिन अपने हिसाब खडे  होना जरूरी हैं अच्छे ब्रँडेड कपडे होना जरूरी है,खडे भी थोडा अलगसे होना जरुरी है।

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मैने जो अभी बताया यह सूत्रसंचालको करना पढेगा मंच पर संचालन करते समय जितने भी लोग आते है सब संचालक के  ओर  देखते हैं, तो इसलिए हमे सतर्क रहना होगा, इनके आलावा reading, और थोडा बहुत भाषेके उपर  प्रभुत्व होना जरूरी है, क्यून्की हमे हजारो, लाखो लोगोंको अपने आवाज से बांधके रखना पडेगा l बाल भी अच्छी तरीकेसे बनाना होगा l

सूत्र संचालन कैसे करे?
सूत्र संचालन कैसे करे?

कुछ लोग इस क्षेत्र मे तयारीके बगर आते है, जब मंच पर खडे रहते है उनके दिमाग खाली कागद की तरह हो जाता है, घर मे वे कोई  पूर्वतयारी के बिना आते है,  ना ही कभी इसके बारे मे सोचते है l मंच संचालनकेलिए पहिले ये करना पडता है l

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1.Reading(पढना ):-

मैने पहिलेही बताया था, इसकेलिए reading करना बहुत जरूरी होता है इसके बगर मंचसंचालन का नाम लेना गलत है, लोगोंको बिठाके रखना है, तो हमारे लिए यह पॉईंट बहुत जरूरी है l

2.निरीक्षण :-

यह काम के लिए हमे, पहिले तरह तरह के कार्यक्रम देखना होगा और उसमे जो मंच संचालक होता है उसने किस तरीकेसे मंच संचालन करता है,  यह हमे तीकी नजरोसे देखना होगा ताकी हमे बादमे सुत्रसंचालन करने मे मदद मिले l हमे सिर्फ सुनानेका काम नही कभी कभार सुनना भी पढता है यह याद रखे l इसका फायदा ही होगा नुकशान बिल्कुल नही l

3.ज्ञान का भंडारा :-

आप जिस भाषा मे बोलते है उसपर तो प्रभुत्व होना चाहिए यह बहुत जरूरी है और हिंदी, अंग्रेजो आना भी मेरे हिसाबसे जरुरी हैl  इसके आलावा भी हमे कुछ करना पडता है जैसे शेर शायरी, कविता moral stories, सुवचन की तयारी ताकी हमे समय पे अच्छी तरह फॉरफार्म करने मे कोई दिक्कत ना होl मंच संचलन ऐसा क्षेत्र है जिसमे किसीभी तरह की समस्या आती है जिसे सुलझाना मंच संचालकेलीए जरूरी है l तभी तो लोग हमे मानते है, जैसे कोई वक्ता किसी विषय पर कुछ बोलें तो उसपर ऐसे कुछ बोलना चाहिए जिसे सुनतेही लोग तालिया बजानेकेलिए मजबूर हो जाए l
सूत्र संचालन कैसे करे?
सूत्र संचालन कैसे करे?

4.स्पष्ट आवाज :-

आप जो भी बोलें लोगोंको समजना जरूरी होता है तो इसलिए हमे किसीप्रकार का धूम्रपान नहीं करना होगा ताकी हमारी आवाज बरकारार रहेl  इस से क्या होगा लोग हमे पसंद करने लगेंगे तो इस क्षेत्र मे हमे टिके रहनेकी chances बढ जाते है l

5.आत्माविश्वास और वस्तुस्तिथी :-

मंच संचालन करते हुए हमे किसीप्रकारका डर महसूस नही होना चाहिए बिना डरे बोलना चाहिए यानि आत्मविश्वास से बोलना चाहिए l लोगोंके आंखो मे आंख मिलाके बोलना चाहिए, इसका मतलब यह भी नही हम कुछ भी बोल सकते है, वैसा नही भाई, जो वसुस्थिती है होई बोलें तभी तो लोग विश्वास रखते है ना की झूठ l इसलिए अपना अतिआत्मविश्वास सच नही भूलना चाहिए ताकी लोगोंका विश्वास हमपर सदाकेलिये बने रहे l
इस क्षेत्र मे बने रहनेके लिए हमे समयके नुसार परिवर्तन करना होगा आज जो है वह कल भी  रहेगा पर इसमे जरूर कुछ ना कुछ परिवर्तन रहेगा इसलिए खुद को update रखना होगा इसका मतलब इसमे हमेशा परिवर्तन होता रहेगा परिवर्तन के अनुसार खुद को भी बदलाव मे धकेल देना असहज नही समजना l बहुत सारे क्षेत्र ऐसे हैं जहाँपर मंच संचालन की बहुत मे जरुरत होती है l कोई बढा राजनीतिक लोग आते है तो एक अच्छा सूत्रसंचालकी जरुरत होती है और स्कूल, कॉलेज मे जब किसी कार्यक्रम का सुत्रसंचालन के बिना नहीं ले सकते इसका मतलब आप समज गये होंगे सूत्रसंचालन क्या मायने रखता है l सुत्रसंचालन की महत्व लगबग सभी क्षेत्र मे मौजूद है सामाजिक हो राजनीतिक हो या फिर ओर इसलिये आज इसे एक कला के साथ साथ व्यवसाय का दर्जा दिया जाता है यानि लोग इसको व्यवसाय के तौर देखते हैं l
एक जानेमाने सूत्र संचालके रूप मे खुद को  देखना चाहते है तो मैने जो बताया इसे फॉलो करना होगा आप आसानिसे एक मंचसंचालक बन सकते है,  इसके लिए ना कोई ट्रेनिंग करना ना किसी क्लास मे बैठनेकी जरुरत पडता है, बस इसे फॉलो करो आज ऐसी परिस्तिथी है की, किसी विषय से relative पुस्तक ले ले और उसे पढे l सबलोग ऑनलाईन रहते तो क्यों ना इसका फायदा उठा ना लिया जाए l मोबाईल या फिर लॅपटॉप मे कुछ  सिखना चाहिए जो क्लास मे सिखना था l इसलिए मैने कुछ ऐसा चालू किया जो क्लास मे  बैठ नापाते, ना सिख पाते लेकिन कुछ सिखना चाहते है वो इसका फायदा उठा सके l मैने अपने हिसाब से बतानेकी कोशिश की अगर आपको लगता है,  इसमे कुछ  कम है तो हो सके तो जरूर मुझे माफ कर दिजीए l अगर यह सूत्र संचालन कैसे करे? content अच्छा लगा तो जरूर अपने दोस्तोन्को शेर करे l

Suresh Burla Sironcha Di- Gadchiroli State -Maharastra India

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